April 1, 2012

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पुत्र जनम शुभ, कन्या जनम कष्टकारी, करे भेद-भाव, सब बिधि, अबिवेक-अबिचारी न जानत, जननी रूप कन्या की छबी न्यारी ध्यान दीजे, संतान सकल, सम प्रेम अधिकारी[...]

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March 27, 2012

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घर के पीछे का पीपल का पेढ़ जिसके भूरे-पीले तने में मोटे-मोटे धब्बे,भद्दी-भद्दी धांरियां समय की मार से हो जाते[...]

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March 20, 2012

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रिमझिम करता आया बरसात का मौसम बादलों के गरजने चाँद के चुप जाने का[...]

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March 13, 2012

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दूरियां जितनी बड़ती जाती हैं दीदारे यार की हसरत बढती जाती हैं पहले कभी न था इतना दर्द मेरे दिल में[...]

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March 10, 2012

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मोहे न रंग डालो श्याम प्यारे अंगिया भीगी, मरी जाउं लाज के मारे संखिया इतराये, देख रास-रंग के नज़ारे मोहे न रंग डालो श्याम प्यारे[...]

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March 8, 2012

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मन ने कर लिया स्वीकार जिंदगी तो अब यही है अब जोशे खून मद्धिम हो चला जब जीबन अंत की और चला एक धुंदली सी परछाई छोढ़ चला अंतिम पढ़ाव पर कदम बढ़ चला अब कियों करूँ किसी का इंतजार जब मन ने कर लिया स्वीकार जिंदगी तो अब यही है[...]

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March 6, 2012

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आई आई होली आई रंग अनगिनत संग में लायी झूम उठी फिर डाली डाली....[...]

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March 4, 2012

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चाह बस अब सबकी एक ही है, लगना है हट के, गिरते पड़ते, लड़ते झगड़ते, भूले या भटके, समुंदर में बहते, आसमान में उड़ते या पहाड़ो में लटके, चाह बस अब सबकी एक ही है, लगना है हट के . . .[...]

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March 2, 2012

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यादें करती हैं मजबूर कुछ लिखने को तन्हाई करती हैं मजबूर अपने आप से बातें करने को![...]

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March 1, 2012

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तेरे अश्रु जल से भरे नयन सर्द हवा मैं जैसे भीगे मेरा तन तेरे मूक अधरों के कंपन गहरे तूफान सा बिचलित मेरा मन[...]

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February 28, 2012

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दिल के रिश्ते भी अजीब होते हैं आप दूर रहकर भी करीब होते हैं यार कितने खुशनसीब होते हैं वो जो प्यार करने वाले करीब होते हैं[...]

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February 27, 2012

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मयखाने में साकी जैसी आँगन में तुलसी सी गीता की वाणी-सी बरगद की छाया-सी[...]

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February 20, 2012

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सुनीसुनी सी रात, मन भीगा याद आई तेरी, मन बहका, आज मंज़र थे कुछ जालिम से याद आये दिन वह मिलन के ![...]

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February 11, 2012

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कल कल करती नदिया की उठती गिरती लहरें हैं मीत मन के आ मिलो साथ वो मेरे कहती हैं साफ़ है आकाश फिर भी[...]

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February 8, 2012

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क्यूँ बिगाड़ डाली उस गुलशन की रौनक क्यूँ उस खिलते पुष्प का क़त्ल कर डाला तुमने किस खत्ता की सजा दी है उसे? क्या यही खत्ता थी उसे की वह हस रहा था? मुस्कुरा कर अपनी खुशियाँ लुटा रहा था?[...]

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February 6, 2012

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अलग अलग हो गए प्रांत अलग अलग हो गयी जातियां, क्या इश्वर ने बक्शे हैं हमे यह नाम? हिन्दू , मुस्लिम , सिख , इसाई नहीं इश्वर ने नहीं कहा करो तुम भेद भाव![...]

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January 20, 2012

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चाहा था जैसा जहान, वो आसमां मिल गया! जिसके लिए दिल था बेकरार, वो आशियां मिल गया![...]

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November 22, 2011

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कहीं तो बारीश होती होगी, जमीं नम होती होगी। कहीं तो खुशी होती होगी, आँखे नम होती होगी।[...]

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November 8, 2011

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क्यु मंदीर मस्जिद गिरजाघर बनाये जब तु उसकी राह पर ना चल पाए वो कहा कहे पूजन को, तु ही नये-नये तरीके अपनाए[...]

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November 2, 2011

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परचून की दूकान पर तराजू मे अनाज तोलता ऐसे प्रतीत होता है, जैसे कोई भूखे के[...]

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October 25, 2011

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बांदलों को चीरती हुयी सूरज की किरणोंकी, धरती को छुने की कोशीश वैसेही कुछ तुम्हे छुने की[...]

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October 20, 2011

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दफ्तर के रास्ते गुजरते रोज जिंदगी देखता हुँ, किनारे पे बैठी माँ गोद मे बच्चे को[...]

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