चाँद ने ली विदाई , तुम्हारा ख्याल आया , मगर तुम नही आए, भोर हो गई , स्वप्न टूट गया [...]
April 1, 2012
पुत्र जनम शुभ, कन्या जनम कष्टकारी, करे भेद-भाव, सब बिधि, अबिवेक-अबिचारी न जानत, जननी रूप कन्या की छबी न्यारी ध्यान दीजे, संतान सकल, सम प्रेम अधिकारी[...]
Read Full...March 27, 2012
घर के पीछे का पीपल का पेढ़ जिसके भूरे-पीले तने में मोटे-मोटे धब्बे,भद्दी-भद्दी धांरियां समय की मार से हो जाते[...]
Read Full...March 13, 2012
दूरियां जितनी बड़ती जाती हैं दीदारे यार की हसरत बढती जाती हैं पहले कभी न था इतना दर्द मेरे दिल में[...]
Read Full...March 10, 2012
मोहे न रंग डालो श्याम प्यारे अंगिया भीगी, मरी जाउं लाज के मारे संखिया इतराये, देख रास-रंग के नज़ारे मोहे न रंग डालो श्याम प्यारे[...]
Read Full...March 8, 2012
मन ने कर लिया स्वीकार जिंदगी तो अब यही है अब जोशे खून मद्धिम हो चला जब जीबन अंत की और चला एक धुंदली सी परछाई छोढ़ चला अंतिम पढ़ाव पर कदम बढ़ चला अब कियों करूँ किसी का इंतजार जब मन ने कर लिया स्वीकार जिंदगी तो अब यही है[...]
Read Full...March 4, 2012
चाह बस अब सबकी एक ही है, लगना है हट के, गिरते पड़ते, लड़ते झगड़ते, भूले या भटके, समुंदर में बहते, आसमान में उड़ते या पहाड़ो में लटके, चाह बस अब सबकी एक ही है, लगना है हट के . . .[...]
Read Full...March 2, 2012
यादें करती हैं मजबूर कुछ लिखने को तन्हाई करती हैं मजबूर अपने आप से बातें करने को![...]
Read Full...March 1, 2012
तेरे अश्रु जल से भरे नयन सर्द हवा मैं जैसे भीगे मेरा तन तेरे मूक अधरों के कंपन गहरे तूफान सा बिचलित मेरा मन[...]
Read Full...February 28, 2012
दिल के रिश्ते भी अजीब होते हैं आप दूर रहकर भी करीब होते हैं यार कितने खुशनसीब होते हैं वो जो प्यार करने वाले करीब होते हैं[...]
Read Full...February 27, 2012
मयखाने में साकी जैसी आँगन में तुलसी सी गीता की वाणी-सी बरगद की छाया-सी[...]
Read Full...February 20, 2012
सुनीसुनी सी रात, मन भीगा याद आई तेरी, मन बहका, आज मंज़र थे कुछ जालिम से याद आये दिन वह मिलन के ![...]
Read Full...February 11, 2012
कल कल करती नदिया की उठती गिरती लहरें हैं मीत मन के आ मिलो साथ वो मेरे कहती हैं साफ़ है आकाश फिर भी[...]
Read Full...February 8, 2012
क्यूँ बिगाड़ डाली उस गुलशन की रौनक क्यूँ उस खिलते पुष्प का क़त्ल कर डाला तुमने किस खत्ता की सजा दी है उसे? क्या यही खत्ता थी उसे की वह हस रहा था? मुस्कुरा कर अपनी खुशियाँ लुटा रहा था?[...]
Read Full...February 6, 2012
अलग अलग हो गए प्रांत अलग अलग हो गयी जातियां, क्या इश्वर ने बक्शे हैं हमे यह नाम? हिन्दू , मुस्लिम , सिख , इसाई नहीं इश्वर ने नहीं कहा करो तुम भेद भाव![...]
Read Full...January 20, 2012
चाहा था जैसा जहान, वो आसमां मिल गया! जिसके लिए दिल था बेकरार, वो आशियां मिल गया![...]
Read Full...November 22, 2011
कहीं तो बारीश होती होगी, जमीं नम होती होगी। कहीं तो खुशी होती होगी, आँखे नम होती होगी।[...]
Read Full...November 8, 2011
क्यु मंदीर मस्जिद गिरजाघर बनाये जब तु उसकी राह पर ना चल पाए वो कहा कहे पूजन को, तु ही नये-नये तरीके अपनाए[...]
Read Full...November 2, 2011
परचून की दूकान पर तराजू मे अनाज तोलता ऐसे प्रतीत होता है, जैसे कोई भूखे के[...]
Read Full...October 25, 2011
बांदलों को चीरती हुयी सूरज की किरणोंकी, धरती को छुने की कोशीश वैसेही कुछ तुम्हे छुने की[...]
Read Full...October 20, 2011
दफ्तर के रास्ते गुजरते रोज जिंदगी देखता हुँ, किनारे पे बैठी माँ गोद मे बच्चे को[...]
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